घोंसला और उड़ान | हर मजबूत इंसान के पीछे एक घर होता है

 घोंसला और उड़ान

जब चिड़िया को उड़ना ही था,

तो घोंसला क्यों बनाया?

शायद इसलिए कि पंखों में हवा भरने से पहले,

दिल में एक छोटा-सा आशियाना चाहिए था।

टहनियाँ इकट्ठी करती रही वो रात-दिन,

काँटों से छिलती, फिर भी मुस्कुराती रही,

क्योंकि घोंसला सिर्फ छत नहीं था—

वो उसकी पहली प्रार्थना थी,

उसकी पहली उम्मीद,

उसका पहला "मैं भी हूँ" कहने का बहाना।

उड़ान तो किस्मत ने दी,

पर हर उड़ान के बाद

एक खालीपन लौट आता है—

जब बादल छू लेने के बाद भी

कोई नहीं पूछता: "थक गई क्या?"

घोंसला वो जगह है जहाँ चुपके से आँसू गिरते हैं,

जहाँ टूटे पंखों को सहलाया जाता है,

जहाँ "अकेली" शब्द की साँसें थम जाती हैं।

क्योंकि आसमान कितना भी नीला और विस्तृत हो,

वो कभी गले नहीं लगाता।

वो सिर्फ देखता है।

पर घोंसला...

घोंसला गले लगाता है।

घोंसला रोने देता है।

घोंसला कहता है—

"आ जा, अब बस कर...

अब तू घर आ गई है।"

तो उड़ो, चिड़िया।

पूरे जोश से उड़ो।

पर याद रखना—

हर उड़ान की सबसे खूबसूरत लाइन

उस घोंसले में लिखी जाती है,

जहाँ से तू निकली थी...

और जहाँ तुझे हमेशा लौटना है। 🕊️🏡✨#Ghosla #Udaan #LifeQuotes #EmotionalWriting #HindiQuotes

#Zindagi #Home #Feelings #DeepLines #Motivation

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जानिए कलयुग की वह कड़वी सच्चाई, जहाँ अपराध से नहीं बल्कि न्याय की लंबी लड़ाई से इंसान डरता है। समाज, राजनीति और इंसानियत की दास्तान।”

त्योहार रंगों का होना चाहिए, डर का नहीं।

🔥 हार मत मानो, तुम्हारी जीत तय है 💪✨