बिना मर्जी का सेक्स, झूठे वादे, मर्ज़ी का सम्मान, रिश्तों में धोखा, बलात्कार,

 आज के समाज में कुछ ऐसी हकीकतें सामने आती हैं, जो अक्सर छुपी रहती हैं। कुछ पुरुष ऐसे होते हैं जो झूठे वादे या शादी का झांसा देकर महिलाओं के साथ सेक्स करते हैं। यह केवल धोखा नहीं है, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी अपराध (rape) माना जाता है, क्योंकि इसमें महिला की मर्ज़ी पूरी तरह नजरअंदाज की जाती है।

अफसोस की बात यह है कि ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित को ही दोषी ठहराया जाता है। पर सच्चाई यह है कि अपराध की जड़ गलत नीयत और दूसरों की मर्ज़ी की अनदेखी में होती है। चाहे लड़की की गलती हो या लड़के की—जहां इरादा गंदा हो, वहां रिश्ते सिर्फ बहाने बन जाते हैं।

जब समाज, परिवार या दोस्त इन मामलों में आंखें मूंद लेते हैं, तब पीड़ित और भी अकेली महसूस करती है। ऐसे मामलों में न केवल भावनात्मक और मानसिक चोट होती है, बल्कि महिला का आत्मसम्मान भी चोटिल होता है। यही वजह है कि कई बार महिलाएं डर, शर्म या दबाव की वजह से अपनी आवाज नहीं उठा पाती।

समाज और कानून दोनों को यह समझना होगा कि रिश्ता जिस्म से नहीं, मर्ज़ी और इज्ज़त से बनता है। जहां मर्ज़ी का सम्मान नहीं होता, वहां सिर्फ exploitation और अपराध जन्म लेते हैं।

इसलिए जरूरी है कि हम ऐसी सोच को जड़ से खत्म करें और यह समझें कि किसी की मर्ज़ी के बिना किया गया संबंध सिर्फ अपराध है, प्यार नहीं। नीयत साफ नहीं, तो रिश्ते का हर पहलू भी गंदा हो जाता है।

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